मंगलवार, 11 सितम्बर 2007

हिन्दू हाईकोर्ट?

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भगवत गीता को राष्ट्रीय धर्म गंथ्र घोषित करने का निर्देश दिया है। साथ ही कई जिलों में हिंदू आबादी घटने पर चिंता भी जताई है। ये आश्चर्यजनक है क्योंकि अभी तक इस तरह के बयान हिंदू धर्म के स्वंय भू ठेकेदार ही दिया करते थे। हाईकोर्ट ने कहा है कि आजादी आंदोलन की प्रेरणा स्रोत रही गीता भारतीय जीवन पद्धति है।
... गीता में कृष्ण ने अर्जुन को उपदेश दिया था कि आत्मा अमर होती है इसे कोई मार नहीं सकता। अगर गीता पर यकीन करें तो आइंदा हाईकोर्ट किसी की हत्या को जुर्म किस बिनाह पर मानेगी। क्योंकि हत्यारे ने तो किसी के भी शरीर को मारा है और जब आत्मा मर नहीं सकती तो वो हत्या कैसी...और जब कोई मरा ही नहीं तो गुनाह कैसा...क्या करेगी कोर्ट...

4 टिप्पणियाँ:

Shastri JC Philip ने कहा…

आज पहली बार आपके चिट्ठे पर आया एवं आपकी रचनाओं का अस्वादन किया. आप अच्छा लिखते हैं, लेकिन आपकी पोस्टिंग में बहुत समय का अंतराल है. सफल ब्लागिंग के लिये यह जरूरी है कि आप हफ्ते में कम से कम 3 पोस्टिंग करें. अधिकतर सफल चिट्ठाकार हफ्ते में 5 से अधिक पोस्ट करते हैं. किसी भी तरह की मदद चाहिये तो मुझ से संपर्क करे webmaster@sararhi.info -- शास्त्री जे सी फिलिप

मेरा स्वप्न: सन 2010 तक 50,000 हिन्दी चिट्ठाकार एवं,
2020 में 50 लाख, एवं 2025 मे एक करोड हिन्दी चिट्ठाकार!!

राजेश कुमार ने कहा…

पूनम जी बहूत बढिया। लगता है कुछ जज भी राजनीतिक दलों के रंग में रंगने लगे हैं। कोई जज इस तरह की टिप्पणी करे तो इससे न्यायलय की छवि को चोट पहुंचेगा। देश की न्यायलय की छवि पूरी दुनियां में मान्य है ऐसे में न्यायलय की टिप्पणी कतई उचित नहीं है।

राजकिशोर ने कहा…

राजेश जी, अदालत दुनिया के हर विषय पर टिप्पणी कर सकती है, तो अदालत पर दुनिया का हर शख्स टिप्पणी क्यों नहीं कर सकता
दुनिया की कोई भी अदालत किसी की वैचारिक आजादी को छीन नहीं सकती। बल्कि अदालतें बनी ही इसलिए हैं कि मनुष्य की विभिन्न आजादियों की हिफाजत की जाए। इसलिए निवेदन है कि अदालत से न डरिए न डराइए।

Ek ziddi dhun ने कहा…

अदालत हमेशा ही सत्ता की मददगार रही हैं..फिलहाल बेहद सर्वग्रासी वातावरण है और न्याय गायब है. लगातार स्त्री विरोधी, दलित विरोधी, मजदूर विरोधी फैसले आ रहे हैं. संघ शावक खुश हो सकते हैं...सीधे यही कह देना चाहिए की मनुस्मृति को ही संविधान मानकर फैसले होंगे